yaade

बचपन की यादो में
पुराने उन घरो में
कोई तो बात है कोई तो बात है
गूंजती थी किलकारियाँ
इस मोहले से उस मोहले
अब बना दी शांति कॉलोनी
कोई तो बात है कोई तो बात है |

खेली जिन सड़को पर आँख मिचोली
उड़ती है अब रेतो की होली ,
पहले मिलती थी बगीचो में रंगोली
वहीं अब मिलती है सूखे पत्तो की हमजोली,
पुरानी सी उन यादो में कोई तो बात है
कोई तो बात है |

जहाँ लगती थी अपनी सी बाते
यु ही कट जाया करती थी राते ,
देखा अब वक़्त बदल गया
अपना अपनों से रूठ गया ,
कोई तो बात है कोई तो बात है|

ना उन में समझ थी
ना हम में समझ
पर तबकी तो दोस्ती ही गजब थी ,
यादो में बस जाती है जिंदगी
पल भर में कट जाती है जिंदगी,
पुरानी सी उन यादो में कोई तो बात है
बस कोई तो बात है|

कुछ यादे

बड़े मनचले थे हम,

सबको अपना बनाकर चले थे

बहुत की थी शैतानियाँ, डांट भी खाई थी

पर किसे पता था ये सब भी परायी थी|

 

खेल ही खेल में राजा की रानी बने थे

पर किसे पता था कहानी तो झूटी होगी |

 

बरसात की बूंदो से खुद को जागते थे

पर किसे पता था फिर नींद ही ना आएगी |

 

जगमगाते तारो मे खुद को ढूंढा करते थे

पर किसे पता था एक दिन गुम्म से हो जाँयगे |

 

यू तो अकेले ही खुशियाँ बटोर लेते थे

पर किसे पता था अकेले से ही रह जाँयगे हम |